Home Corona Updates Corona Crisis: BJP Said- Government Is Not In Favor Of Making One's...

Corona Crisis: BJP Said- Government Is Not In Favor Of Making One’s Personal Property As Government Property ANN | कोरोना संकट: बीजेपी ने कहा



देश के अर्थशास्त्रियों, बुद्धिजीवियों और ऐक्टिविस्टों ने देश को मौजूदा आर्थिक, स्वास्थ्य और मानवीय संकट से बाहर निकालने के लिए सभी लोगों की चल-अचल निजी संपत्ति को सरकारी संपत्ति माने जाने की बात कही है. इस पर बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि किसी की निजी संपत्ति को अपने अधीन करने की सरकार की कोई मंशा नहीं है.

नई दिल्ली: योगेंद्र यादव समेत देश के 24 जाने-माने अर्थशास्त्रियों, बुद्धिजीवियों और ऐक्टिविस्टों की सरकार को देश को मौजूदा आर्थिक, स्वास्थ्य और मानवीय संकट के हालातों पर सुझाव देने वाली चिट्ठी पर बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने सवाल खड़ा किया है. प्रवेश वर्मा ने कहा कि फिलहाल किसी की निजी संपत्ति को सरकारी संपत्ति बनाने की सरकार की कोई मंशा नहीं है. प्रवेश वर्मा ने कहा जिन लोगों ने चिट्ठी लिखी है उन लोगों को जमीनी वास्तविकता के बारे में कुछ पता ही नहीं है वह सिर्फ सोशल मीडिया पर इस तरह से चिट्टियां लिखने का काम कर सकते हैं लेकिन लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे नहीं आए.

शुरुआत में जारी हुई चिट्ठी के एक बिंदु पर उठे थे सवाल

इन 24 बुद्धिजीवियों द्वारा शुरुआत में जो चिट्ठी लिखी गई थी उसके पॉइंट 7(1) में कहा गया था देश को मौजूदा आर्थिक, स्वास्थ्य और मानवीय संकट से बाहर निकालने के लिए सभी नागरिकों की चल-अचल निजी संपत्ति मानने के सुझाव पर विचार होना चाहिए. देश के लोगों के पास मौजूद संसाधनों जैसे नकदी, रियल एस्टेट, संपत्ति, बॉन्ड आदि और देश के संसाधनों को इस राष्ट्रीय आपदा के दौरान राष्ट्रीय संसाधन माना जाना चाहिए.



किसी की निजी संपत्ति को सरकारी संपत्ति बनाने के पक्ष में नहीं है सरकार – प्रवेश वर्मा

अर्थशास्त्रियों, बुद्धिजीवियों और ऐक्टिविस्टों द्वारा लिखी गयी चिट्ठी पर बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार की ऐसी कभी कोई मंशा नहीं है कि किसी की निजी संपत्ति को वह अपने अधीन करें. सरकार लगातार लोगों के हितों में कदम उठा रही है. रही बात जिन लोगों ने चिट्ठी लिखी यह वह लोग हैं जो अपने ऐसी कमरों में बैठकर सोशल मीडिया पर बयान देते रहते हैं इनमें से किसी ने लॉक डाउन के दौरान गरीबों मजदूरों की मदद नहीं की होगी.

सवाल उठने के बाद सवालों के घेरे में आए बिंदु में किया गया बदलाव

हालांकि जब चिट्ठी के उस बिंदु पर सवाल खड़े हुए जिसमें लोगों की चल अचल संपत्ति को सरकारी संपत्ति के तौर पर देखने का सुझाव दिया गया था तो चिट्ठी के प्वाइंट्स 7(1)में बदलाव करते हुए कहा गया की रिलीफ पैकेज के लिए पैसा जुटाने के लिए सरकार को अब टैक्स और एक्साइज ड्यूटी के अलावा भी कुछ और आपातकालीन कदम उठाने होंगे जिससे की सरकारी खजाने में पैसा जुटाया जा सके.

इसके अलावा चिट्ठी में कहा गया है कि सरकार ने जो आत्मनिर्भर भारत पैकेज घोषित किया है उसमें आम लोगों की जरूरतों की अनदेखी की गई है. कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण आम लोग की जिंदगी और आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है. इसी को ध्यान में रखते हुए मिशन जय हिंद के तहत सात सूत्रीय़ कार्य योजना का प्रस्ताव दिया गया है और सरकार से इस पर अमल करने की मांग की है.

क्या कोरोना से लड़ने में सरकारी तंत्र फेल रहा, समझिए- लॉकडाउन से फायदा या फजीहत?

Source link




LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

11 Ordinance-18 Bills … in Modi government’s agenda for the monsoon session

During the monsoon session of Parliament, the Modi government is preparing to pass important bills and ordinances.

Birthday Special: How much has Surabhi Chandna’s look changed from ‘Tarak Mehta’s inverted glasses’ to ‘Naagin 5’

Surabhi Chandna's look TV actress Surabhi Chandna is celebrating her 31st birthday today. Surabhi is...

Watch Dream Girl Full Movie Online in HD and download

DREAM GIRL FULL MOVIE DOWNLOAD STORY: Desperate to discover business, Karam gets a vocation as...

Samsung Galaxy M51 With 7,000mAh Battery, Quad Rear Cameras Launched in India: Price, Specifications

Samsung Galaxy M51 price in India starts at Rs. 24,999 for the base 6GB RAM variant.

Recent Comments